
*समाज के सबसे भरोसेमंद साथी सिद्ध होते हैं वार्डेन :विशाख जी*
लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
*लखनऊ।* शुक्रवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित ‘मून हॉल’ में आज नागरिक सुरक्षा संगठन के वार्डन क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम के चतुर्थ बैच का विधिवत शुभारंभ हुआ।
जिसमे 90 वार्डन का बैच रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी/नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, विशाख जी रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके उपरांत चीफ वार्डन ने उन्हें अंग-वस्त्र, पुष्प-गुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल का महत्व सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विशाख जी. ने वार्डन सेवा के महत्व और निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने पुलिस लाइन में आयोजित पिछली मॉक ड्रिल में वार्डनों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि स्वयंसेवकों की कुशलता बनी रहे।
जन-जन तक पहुँचेगी ट्रेनिंग जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही विभिन्न अधिकारियों की बैठक बुलाकर स्कूल, कॉलेज, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आम जनता के लिए सप्ताह में एक बार प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में नागरिक सुरक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
वार्डन के दायित्व ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका प्रशिक्षण लेक्चर के दौरान चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र ने वार्डन सेवा के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि
त्वरित प्रतिक्रिया किसी भी आपदा में प्रशासनिक सहायता पहुँचने से पूर्व वार्डन ही ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में प्राथमिक सहायता सुनिश्चित करते हैं।
आपदा प्रबंधन आग, बाढ़ या अन्य आपात स्थितियों में बचाव कार्यों का नेतृत्व करना और घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देना उनकी प्राथमिकता है।
शांति एवं समन्वय: संकट के समय अफवाहों को रोकना, जनता के बीच घबराहट कम करना और राहत सामग्री (भोजन, दवा) के वितरण में समन्वय स्थापित करना वार्डन की मुख्य जिम्मेदारी है।
अंत में उन्होंने कहा कि वार्डन स्थानीय स्तर पर जनता के सीधे संपर्क में होते हैं, इसीलिए संकट के समय वे समाज के सबसे भरोसेमंद साथी सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में चीफ वार्डन अमर नाथ मिश्र के साथ स्टाफ ऑफिसर टू चीफ वार्डन ऋतु राज रस्तोगी डी डबल्यू सुनील तिवारी नफीस सुनील शुक्ल सुनील तिवारी डी डी डबल्यू सुनील कर्मचंदानी राम गोपाल ऐश्वर्य उप नियंत्रक रवींद्र कुमार एडीसी मनोज वर्मा ऋषि कुमार मुकेश ममता रानी
रेखा आदि उपस्थित रहे।

